रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र के स्पिनर पार्थ भुट ने अपनी गेंदबाजी से ऐसा कमाल किया कि हर कोई उनकी तारीफ करने लगा। असम के खिलाफ मुकाबले में बाएं हाथ के इस स्पिनर ने महज 17 रन देकर 8 विकेट हासिल किए। उनकी शानदार गेंदबाजी के सामने असम की बल्लेबाजी बिखर गई। इस प्रदर्शन के साथ पार्थ ने सौराष्ट्र के लिए रणजी ट्रॉफी की एक पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का नया रिकॉर्ड बना दिया। उनकी गेंदबाजी की बदौलत सौराष्ट्र ने पारी से जीत दर्ज की और 7 अंक अपने नाम किए।
असम के बल्लेबाजों पर भारी पड़े पार्थ भुट
सौराष्ट्र और असम के बीच खेले गए मुकाबले में पार्थ भुट ने शुरुआत से ही बल्लेबाजों को परेशान किया। उनकी फिरकी को समझना असम के खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं रहा। एक के बाद एक विकेट गिरते गए और असम की टीम बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रही।
पार्थ ने केवल 17 रन खर्च करके 8 विकेट अपने नाम किए। उनका यह प्रदर्शन सौराष्ट्र के घरेलू क्रिकेट इतिहास में खास जगह रखता है। इतनी कम रन संख्या देकर आठ विकेट लेना उनकी गेंदबाजी की प्रभावशीलता को दिखाता है।
लगातार दूसरे मैच में पांच विकेट
पार्थ भुट के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है, क्योंकि वह लगातार दूसरे मैच में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने में सफल रहे हैं। इससे पहले कर्नाटक के खिलाफ मुकाबले की दूसरी पारी में भी उन्होंने पांच विकेट झटके थे।
29 वर्षीय स्पिनर की लगातार अच्छी गेंदबाजी सौराष्ट्र के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। उनकी मौजूदा फॉर्म टीम के गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देती है।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी शानदार रिकॉर्ड
पार्थ भुट का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अपने करियर के 25 मैचों में वह नौ बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं।
असम के खिलाफ आठ विकेट लेना उनके करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक है। इस प्रदर्शन से उन्होंने अपनी प्रतिभा और स्पिन गेंदबाजी पर पकड़ का शानदार नमूना पेश किया।
जयदेव उनादकट के क्लब में शामिल हुए पार्थ
पार्थ भुट अब सौराष्ट्र के लिए रणजी ट्रॉफी की एक पारी में आठ विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले टीम के कप्तान जयदेव उनादकट ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
उनादकट ने जनवरी 2023 में दिल्ली के खिलाफ 39 रन देकर आठ विकेट लिए थे। वहीं, पार्थ ने केवल 17 रन देकर आठ विकेट हासिल किए। इस तरह रन खर्च करने के मामले में पार्थ का प्रदर्शन उनसे भी बेहतर रहा।