अश्लील वीडियो कॉलिंग के नाम पर वसूली, आजमगढ़ में साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार

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आजमगढ़ में साइबर सेल और जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए आपत्तिजनक सामग्री बेचने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से संपर्क करता था और सामग्री उपलब्ध कराने के नाम पर पैसे लेता था। जांच में उसके बैंक खाते में करीब 4.34 लाख रुपये के लेनदेन का पता चला है।

आजमगढ़ साइबर क्राइम मामले में कैसे हुई गिरफ्तारी?

पुलिस के मुताबिक, पुलिस महानिदेशक कार्यालय से जिले की साइबर सेल को बाल यौन शोषण सामग्री (CSEAM) से जुड़ा इनपुट मिला था। इसके बाद साइबर सेल और जीयनपुर कोतवाली की संयुक्त टीम ने मामले की जांच शुरू की।

जीयनपुर कोतवाल संजय सिंह के अनुसार, असरूपुर गांव निवासी गोपाल चौहान को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन और 2,210 रुपये बरामद किए हैं।

टेलीग्राम से अश्लील सामग्री बेचने का आरोप

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर टेलीग्राम और स्नैपचैट समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता था। आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर लड़की के नाम से प्रोफाइल बनाई थी और इसके जरिए लोगों से संपर्क करता था।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी वीडियो कॉलिंग और आपत्तिजनक सामग्री उपलब्ध कराने के नाम पर रुपये लेता था। कुछ लोगों को स्क्रीनशॉट भेजकर सामग्री उपलब्ध नहीं कराने और धोखे से मोबाइल रिचार्ज कराने के आरोप भी सामने आए हैं।

मोबाइल और बैंकिंग रिकॉर्ड में क्या मिला?

एसपी ट्रैफिक पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि मोबाइल फोन की शुरुआती जांच में विभिन्न वेबसाइटों की सर्च हिस्ट्री, टेलीग्राम चैट, 18-प्लस ग्रुपों से जुड़ी गतिविधियां और मोबाइल गैलरी में आपत्तिजनक तस्वीरें व वीडियो मिले हैं।

पुलिस के अनुसार, एक जनवरी से 22 अक्टूबर 2026 तक की उपलब्ध बैंकिंग हिस्ट्री में 20 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के कई छोटे क्रेडिट ट्रांजेक्शन दर्ज मिले। इस अवधि में बैंक खाते में कुल करीब 4.34 लाख रुपये आने की जानकारी सामने आई है।

आगे क्या होगी कार्रवाई?

फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों, चैट और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इन रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी की गतिविधियों और लेनदेन से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।

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