वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बड़ी उम्मीदें जगी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों देश ट्रेड डील के काफी करीब पहुंच चुके हैं। मंगलवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने संकेत दिया कि प्रस्तावित समझौता पहले किए गए व्यापार समझौतों से काफी अलग होगा। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अब कुछ ही मुद्दों पर बातचीत बाकी है।
ट्रंप बोले- समझौते के काफी करीब हैं भारत और अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। जब उनसे भारत के साथ ट्रेड डील की संभावनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि भारत समझौता करना चाहता है और दोनों देश इसके काफी करीब हैं।
ट्रंप ने कहा, “वे समझौता करना चाहते हैं। हम समझौता करेंगे। हां, हम इसके काफी करीब हैं। यह समझौता अब तक किए गए हमारे समझौतों से काफी अलग होगा।”
हालांकि, ट्रंप ने प्रस्तावित समझौते की शर्तों और इसके अलग होने के कारणों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। ऐसे में अब दोनों देशों के बीच होने वाले अंतिम समझौते की शर्तों पर नजर रहेगी।
भारत दौरे पर मार्को रुबियो, व्यापार समेत कई मुद्दों पर चर्चा
ट्रेड डील को लेकर ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत की यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा कर रहे हैं। बातचीत में व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंधों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।
रुबियो ने मंगलवार को कहा कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उनके मुताबिक, कुछ मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है और उम्मीद है कि उन्हें जल्द सुलझा लिया जाएगा।
उन्होंने संकेत दिया कि शेष मुद्दों का समाधान होने के बाद व्यापार समझौते की घोषणा का रास्ता साफ हो सकता है। इसके बाद दोनों देशों के नेता समझौते पर हस्ताक्षर करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के बीच हुई थी बातचीत
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस महीने की शुरुआत में मिल्वॉकी और वॉशिंगटन में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात की थी। इस दौरान समझौते की विभिन्न शर्तों और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
दोनों देशों ने फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका की शुल्क संबंधी नीतियों में बदलाव के कारण बातचीत आगे भी जारी रही।