राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विजयादशमी की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश और विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों के सुख, स्वास्थ्य और कल्याण की मंगलकामना करते हुए लोगों से भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि विजयादशमी के शुभ अवसर पर वह सभी भारतीयों को हार्दिक बधाई देती हैं। प्रभु श्रीराम की रावण पर विजय के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला यह पर्व विशेष महत्व रखता है। भगवान श्रीराम को धर्म और नैतिक आचरण का साक्षात स्वरूप माना जाता है। यह त्योहार अधर्म और अन्याय पर धर्म तथा न्याय की विजय का प्रतीक है।
द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारतीय संस्कृति नैतिकता, कर्तव्य और उच्च आदर्शों पर आधारित है। विजयादशमी का पर्व लोगों को इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
राष्ट्रपति ने देशवासियों से अपील की कि इस पावन अवसर पर सभी लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत के उच्च आदर्शों का पालन करने का संकल्प लें। साथ ही विकसित भारत के निर्माण और समावेशी समाज की स्थापना में अपना योगदान दें।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी केवल धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला अवसर भी है।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश के अंत में सभी देशवासियों के सुख, आरोग्य और कल्याण की कामना की। विजयादशमी का पर्व देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है और समाज में सकारात्मकता, सद्भाव तथा नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा प्रदान करता है।