आईसीएमआर की निगरानी में होगा कोरोना वैक्सीन का ट्रायल, यूपी के इस शहर ने की पहल

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जिला ब्यूरो। Published By: PANKAJ SINGH

गोरखपुर। कोरोना वैक्सीन का ट्रॉयल यूपी के गोरखपुर में भी होगा। इस वैक्सीन को भारत बायोटेक ने बनाया है। देश में इस वैक्सीन का ट्रॉयल 11 शहरों में होगा। गोरखपुर के प्राइवेट अस्पताल के दो डॉक्टरों ने इसमें रुचि दिखाई। उन्होंने भारत बायोटेक, रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) को पत्र लिखा था। भारत बायोटेक ने इसकी मंजूरी दे दी। तीन से चार दिन में वैक्सीन गोरखपुर पहुंचेगी। सात जुलाई से ट्रॉयल का पहला चरण शुरू होगा। फिजीशियन डॉ. अजीत प्रताप सिंह व स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सोना घोष इसका ट्रॉयल आईसीएमआर व आरएमआरसी की निगरानी में करेंगे।

आईसीएमआर ने विकसित किया है वायरस के स्ट्रेन को
इस वैक्सीन के लिए वायरस के स्टेन को स्वदेशी तकनीक से विकसित करने में आईसीएमआर (इं‌डियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) को सफलता मिली। यह वायरस शरीर के अंदर कोरोना से लड़ने के लिए एंटीबॉडी विकसित करेगा। इस क्षमता को विकसित करने वाला आईसीएमआर विश्व के चुनिंदा पांच संस्थानों में से एक है। आईसीएमआर ने भारत बायोटेक के सहयोग से कोरोना की वैक्सीन बनायी है। शासन की तरफ से वैक्सीन के ट्रॉयल की मंजूरी मिल गई है। इसके बाद भारत बायोटेक ने ट्रॉयल के लिए डॉक्टरों की टीम का चयन कर लिया है। इसमें दिल्ली, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक , तमिलनाडु, बिहार, तेलंगाना, ओडिसा, गोवा के अलावा सूबे में कानपुर व गोरखपुर के डॉक्टर शामिल है।  इस टीम में गोरखपुर के फिजीशियन डॉ. अजीत प्रताप सिंह व स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सोना घोष शामिल हैं। दोनों महानगर के निजी अस्पताल में तैनात है।

15 अगस्त तक वैक्सीन लांच करने की है योजना
आईसीएमआर के निदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने ट्रॉयल के लिए चयनित डॉक्टरों को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने ट्रॉयल में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया है कि 15 अगस्त तक ट्रॉयल पूरा कर नतीजे आईसीएमआर को दे दिए जाएं। नतीजे बेहतर मिलने के बाद 15 अगस्त को इस वैक्सीन को लांच करने की तैयारी भी चल रही है।  इसमें उन्होंने वैक्सीन की मानव परीक्षण प्रक्रिया को फास्ट ट्रैक विधि से पूरा करने के लिए कहा है। यह विधि बेहद सरल है और इसके नतीजे सटीक होते हैं। इससे लोगों को खतरा बिल्कुल नहीं है। ऐसे में इसी ट्रॉयल रिपोर्ट के आधार पर इसे 15 अगस्त तक लांच करने की तैयारी हो रही है।

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डॉ. अजीत प्रताप सिंह, प्रधान शोधकर्ता ने बताया कि आज ही आईसीएमआर से इसको लेकर पत्र प्राप्त हुआ है। इस ट्रॉयल के लिए सैम्पल की संख्या का निर्धारण आईसीएमआर करेगा। यह ट्रॉयल सेहतमंद व्यक्तियों पर होगा। ट्रॉयल में शामिल लोगों के सेहत की निगरानी की जाएगी। डॉ. रजनीकांत, निदेशक आरएमआरसी व मीडिया सेल इंचार्ज आईसीएमआर ने बताया कि आईसीएमआर ने वायरस के स्ट्रेन को तैयार कर वैक्सीन बनाने के लिए भारत बायोटेक को दिया है। वैक्सीन ट्रॉयल के लिए डॉक्टरों का चयन भारत बायोटेक ने किया है। गोरखपुर के निजी अस्पताल के डॉक्टर भी ट्रॉयल में शामिल हैं। इस ट्रॉयल की निगरानी आईसीएमआर करेगा। इसके साथ ही आईसीएमआर ट्रॉयल के नतीजों की समीक्षा करेगा।

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