मोदी अयोध्या में रामलला के दर्शन करने वाले पहले प्रधानमंत्री

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published by saurabh

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अयोध्या,(ST News): श्री नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने अयोध्या में रामलला के दर्शन किये हैं। श्री मोदी ने बुधवार को अयोध्या में बनने वाले भव्य राममंदिर का भूमि पूजन किया और रामलला के दर्शन किये। वह स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने रामलला के दर्शन किये।
ऐसा नहीं है कि श्री मोदी पहली बार अयोध्या आये हैं। वह चुनावी रैलियों के लिये पहले भी यहां आ चुके हैं किंतु रामलला के दर्शन करने नहीं गये थे। श्री मोदी से पहले श्रीमती इंदिरा गांधी, श्री राजीव गांधी और श्री अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री रहते हुए अयोध्या आए थे किंतु राम जन्मभूमि से सभी ने अपने को दूर रखा और रामलला के दर्शन करने नहीं गए थे। उच्चतम न्यायालय के पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ – जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसए बोबडे, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एस अब्दुल नजीर ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए अयोध्या में राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त किया था। ऐसा समझा जाता है कि पहले अयोध्या आने वाले प्रधानमंत्रियों ने उस समय यह मामला अदालत में लंबित रहने की वजह से रामलला के दर्शन से दूरी बनाए रखी।
श्री मोदी 2019 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री रहते हुए अयोध्या जिले में चुनावी जनसभा को संबोधित करने आए थे, लेकिन रामलला का दर्शन नहीं किया था। इससे पहले बार श्री मोदी 1992 में अयोध्या आए थे। देश के स्वत्रंत होने के 19 वर्ष बाद कोई प्रधानमंत्री पहली बार अयोध्या आया तो वह स्व. इंदिरा गांधी थीं। वह 1966 में अयोध्या में नया घाट पर बने सरयू पुल का लोकार्पण करने आई थीं। पुल का शिलान्यास करने के बाद वह इसी कार्यक्रम से वापस चली गई थीं।

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इसके बाद दूसरी बार 1979 में वह अयोध्या आई और उस समय भी हनुमानगढ़ी जाकर पवनपुत्र का दर्शन और पूजा अर्चना की। श्रीमती गांधी तीसरी और अंतिम दफा 1975 में अयोध्या में आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने आईं थी और यहीं से वापस लौट आई थी। श्री गांधी भी प्रधानमंत्री रहते दो बार और पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में एक बार अयोध्या के दौरे पर आए। श्री गांधी के प्रधानमंत्री काल में 1986 में बाबरी मस्जिद का ताला खुला था लेकिन उन्होंने भी अयोध्या आने के बावजूद रामलला के दर्शन नहीं किये। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के लिये राममंदिर आंदोलन फर्श से अर्श पर पहुंचाने वाला रहा। भाजपा के संस्थापक और देश को भाजपा के नेतृत्व में पहली सरकार देने वाले श्री अटल बिहारी वाजपेयी भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या तो कई बार आए। श्री वाजपेयी प्रधानमंत्री रहते हुए वर्ष 2003 में राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रहे रामचंद्रदास परमहंस के निधन पर अयोध्या आए थे। उन्होंने उस समय सरयू के तीरे स्व. परमहंस को श्रद्धांजलि देते हुए विश्वास जताया था कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राममंदिर निर्माण का सपना जरूर फलित होगा। इससे पहले भी श्री वाजपेयी इसी वर्ष सरयू तट अयोध्या से गोरखपुर और पूर्वांचल को जोड़ने के लिए सरयू पर बने रेलवे पुल और रेल लाइन का उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। सरयू पर दूसरे पुल और स्वर्णिम चतुर्भुज योजना से अयोध्या को जोड़ने का कार्य भी श्री वाजपेयी के कार्यकाल में हुआ था। श्री वाजपेयी ने भी प्रधानमंत्री रहते हुए रामलला के दर्शन से दूरी बनाये रखी।

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